Thursday, 18 October 2018

सुरक्षित मातृत्व, नवजात शिशु एवं बाल स्वास्थ्य देखभाल के लिए “ महिला एवं बाल स्वास्थ्य पोषण परामर्श और निगरानी केंद्र

सुरक्षित मातृत्व, नवजात शिशु एवं बाल स्वास्थ्य देखभाल के लिए “ महिला एवं बाल स्वास्थ्य पोषण परामर्श और निगरानी केंद्र ” की स्थापना ‘ चाइल्ड राइट्स एंड यू ‘ के सहयोग से किया गया ....  

वाराणसी, बडागांव बसनी बाजार में चाइल्ड राइट्स एंड यू (क्राई) के सहयोग से जनमित्र न्यास संस्था द्वारा संचालित “महिला एवं बाल स्वास्थ्य पोषण परामर्श और निगरानी केंद्र“ का उद्घाटन एडिशनल मुख्यचिकित्साधिकारी डा० ए. के. गुप्ता एवं संयुक्त निदेशक सुश्री अंशु सिंह द्वारा रिबन काटकर किया गया |      
परामर्श और निगरानी केंद्र का मुख्य फोकस बच्चे के पहले 1000 दिनों / गोल्डेन डेज में आवश्यक देखभाल होगा | हमारा प्रयास होगा कि, नवजात शिशु मृत्यु (IMR) बाल मृत्यु दर (CMR) मातृत्व मृत्यु दर (MMR) एवं बच्चों में कुपोषण दर में बड़ी संख्या में कमी लाए और मानव विकास सूचकांकों में बेहतर परिणाम सामने आए |

जिसके लिए एनीमिया, गर्भवती महिलाओं को प्रसव पुर्व, प्रसव के दौरान एवं प्रसव के पश्चात देखभाल, प्रसूता महिला को कोलेस्ट्रम एवं स्तनपान (एक्सक्लूसिव ब्रेस्ट फीडिंग), नवजात शिशुओं कि देखभाल, उनमें होने वाली बीमारियों यथा पीलिया, निमोनिया, डायरिया, निमोनिया जैसी जानलेवा गम्भीर बीमारियों से बचाव, नवविवाहित दम्पतियों एवं किशोरियों को स्वास्थ्य पोषण देखभाल के सन्दर्भ में विभिन्न गतिविधियों लघु फिल्मों, सूचना प्रचार सामग्री, वीडियो, नाटक आदि के माध्यम से जानकारी दिया जाएगा | गर्भवती महिलाओ, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चो, किशोरियो के स्वास्थ्य परिक्षण के लिये संस्था द्वारा हेल्थ कैम्प एव नि:शुल्क दवा वितरण भी किया जायेगा ।
 संस्था कि मैनेजिंग ट्रस्टी श्रुति नागवंशी ने बताया कि हम विशेषकर जोखिम भरी गर्भावस्था वाली महिलाओं (HRP), कम वजन के शिशुओं, समय से पुर्व जन्मे शिशुओं एवं अल्प पोषण व् अल्पवृधि वाले बच्चों को सूचीबद्ध करके उनकी विशेष देखभाल में सभी प्रभावी कारकों अर्थात परिवार में पति व सास, ट्रिपल ए यानि स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यकर्ता आशा, एनम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित हर स्तर के स्वास्थ्य केंद्र सभी अपने-अपने स्तर पर उच्च गुणवता वाली सक्रिय सहायता एवं सेवा सहित देखभाल में तत्पर एवं सक्रिय किया करेंगे |
पैरवी संयोजक मंगला राजभर ने बताया कि, परामर्श और निगरानी केंद्र विशेषकर मुसहर, नट, घरकार जैसी अतिवंचित जातियों को सभी प्रकार से जागरूक करते हुए सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य एवं पोषण सुरक्षा कार्यक्रमों से भी शत प्रतिशत जोड़ने का काम करेगा |

केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर  अनेई, पिंडरा, पुआरी खुर्द आयर एवं पुआरी कला आदि कई गाँवों से महिलाएं भी शामिल हुई |
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संस्था के स्वास्थ्य कार्यकर्ता आनन्द निषाद मंगला राजभर, संजय राजभर, विनोद, संध्या, सुमन, शोभनाथ, प्रतिमा पाण्डेय, ब्रिजेश पाण्डेय, सुभाष एवं सितारा उपस्थिति रहे । 

 

Wednesday, 3 October 2018

एक्सक्लुसिव ब्रेस्ट फीडिंग

  1. माँ गीता द्वारा पहले बच्चे आयुष को 6 माह तक केवल स्तनपान (एक्सक्लुसिव ब्रेस्ट फीडिंग) के व्यवहार को अपनाए जाने पर प्रोत्साहन स्वरूप फैमिली फोटो फ्रेम सहित, कटोरा, गिलास, चम्मच एवं खिलौना उपहार में दिया गया । पिछले कई वर्षों से संस्था कार्यकर्ता सुरक्षित मातृत्व, नवजात शिशु एवं बाल देखभाल के मुद्दे पर वंचित समुदाय के बीच काम कर रहे हैं , लेकिन इस सन्दर्भ में सूचकांक काफी खराब है । समुदाय के पास ज्ञान/ जानकारी है, किन्तु व्यवहार में लिंग, जाति, धर्म आर्थिक असमानता के प्रभाव से अभ्यास अवैज्ञानिक अतार्किक तौर तरीके के हैं । जिसका बुरा प्रभाव बच्चों के स्वास्थ्य एवं विकास पर पड़ रहा है। संस्था Exclusive breast feeding के प्रोत्साहन के लिए अन्य दो माताओं को उपहार देकर सार्वजनिक सम्मान करेगा ।#Exclusivebreastfeeding#pvchrjmn








Saturday, 29 September 2018

किशोरी स्वास्थ्य एवं पोषण मेला

प्रिय साथी
हार्दिक अभिवादन,

1 अक्टूबर 2018 को सुबह 10:30 से दोपहर 3 बजे तक आयर स्थित नेहरू युवा केन्द्र में   
"किशोरी स्वास्थ्य एवं पोषण मेला"  का आयोजन मानवाधिकार जननिगरानी समिति एवं सावित्री बाई फूले महिला पंचायत के द्वारा किया जा रहा है । इस अवसर पर आप जरूर पधारे । 🙏

Wednesday, 19 September 2018

Life cycle capacity building

PVCHR - हरहुआ ब्लाक के पुआरी कला पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 80 किशोरों के साथ माहवारी स्वच्छता स्वास्थ्य व पोषण के मुद्दे पर PVCHR की टीम द्वारा  किया गया किशोरी बैठक ।



Wednesday, 5 September 2018

NRC ( पोषण पुनर्वासन केंद्र )



PVCHR सदस्य प्रतिमा पाण्डेय व सुभाष प्रसाद जी के पहल से हरहुआ ब्लाक के पुआरीखुर्द मुसहर बस्ती में कुपोषित बच्चा अमन S/O  महाजन, मनिसा D/O भोनू को PHC के डा. शिवम साथ NRC ( पोषण पुनर्वासन केंद्र ) में भर्ती कराये गए | 



Tuesday, 4 September 2018

स्तनपान की सफल कहानी


अनेई स्तनपान की सफल कहानी
नवजात शिशु का नाम - काजल
लिंग -  F
जन्म तिथि 28  दिसम्बर 2017
माता का नाम - रिमा
पिता का नाम - लोरिफ बनवासी
जाति – अनुसूचित जाति
उप जाति - मुसहर
पता
ग्राम - अनेई
टोला - मुसहर बस्ती
ग्राम पंचायत - अनेई
विकास खंड - बड़ागांव
जनपद – वाराणसी ।

प्रसूता रीमा का प्रसव 28 दिसंबर 2017 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव वाराणसी हुआ जन्म के समय शिशु का वजन 3 किग्रा था शिशु को प्रसूता द्वारा सास गंगाजली  व स्टाफ नर्स के सहयोग से शिशु को जन्म के तुरन्त बाद कोलेस्ट्रम पिलाया गया । वही प्रसूता रीमा एंबुलेंस 102 से प्रसव कराने गई और एंबुलेंस 102 से घर वापस जिनको कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भावस्था के दौरान सही खान-पान सहित नवजात शिशु को संस्थागत प्रसव व कोलेस्ट्रम पिलाने सहित छः माह तक किसी को सिर्फ स्तनपान  कराने  व टीकाकरण के संदर्भ में जानकारी दिया जा रहा था । प्रसव होने के बाद रीमा पहले की तरह पूर्ण रूप से घर का काम नहीं कर पा रही थी वही ससुर मुन्ना बनवासी द्वारा काम करने का दबाव रीमा के पति लोरिफ पर लगातार बना रहे थे की तुम्हारी पत्नी रीमा काम नहीं करती क्या बच्चा सिर्फ उसी को पैदा हुआ है और किसी को बच्चा कभी नहीं पैदा हुआ था जिसके बाद  प्रसूता की सास गंगाजली द्वारा घरेलू काम करने, पेड़ से लकड़ी तोड़ कर लाने, को लेकर रीमा व लोरिफ बनवासी फिर झगड़ा कीच-कीच करती रहती थी । वही लोरिफ द्वारा पत्नी रीमा पर  लगातार यह दबाव रहता था कि नवजात शिशु को देख रेख पूर्ण रुप से करो परिवार के किसी सदस्यों की बातों पर ध्यान मत दो  ।  जिसके बाद  प्रसूता के ससुर मुन्ना बनवासी द्वारा  लोरिफ को परिवार से अलग कर दिया गया  इसके बाद लोरिफ दिहाड़ी मजदूरी का काम कर परिवार का खर्चा चलता है ।  उपरोक्त परिवार में वर्तमान समय में किसी प्रकार का कोई राशन कार्ड भी नहीं है दादा के नाम से बना जर्जर आवास में लोरिफ अपने परिवार के साथ रहता है मेहनत मजदूरी का काम स्वयं करता है वही पत्नी रिमा को अपने साथ काम करने का  कोई दबाव नहीं बनाते पत्नी रीमा को नवजात शिशु काजल का देख-रेख करती है रिमा ने काजल को 6 महीने तक सिर्फ अपना दूध पिलाया है ।
डब्लूएचओ मानक अनुसार नवजात शिशु आकाश का पोषण मैपिंग ।

वजन तिथि
वजन
उम्र
पोषण ग्रेड
28/12/2017
3.000 किग्रा
जन्मके समय
सामान्य
05/4/2018
5.600 किग्रा
3 माह
सामान्य
05/7/2018
6.900 किग्रा
6 माह
सामान्य




स्तनपान की सफल कहानी


स्तनपान की सफल कहानी
नवजात शिशु का नाम - आकाश
लिंग -  M
जन्म तिथि 06 जनवरी 2018
माता का नाम - सरिता
पिता का नाम - महेंद्र बनवासी
जाति – अनुसूचित जाति
उप जाति - मुसहर
पता
ग्राम - अनेई
टोला - मुसहर बस्ती
ग्राम पंचायत - अनेई
विकास खंड - बड़ागांव  
जनपद – वाराणसी ।

नवजात शिशु का 1 फरवरी 2018 को समय लगभग शाम 07:00 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव वाराणसी में जन्म हुआ । जन्म के समय नवजात शिशु का वजन मात्र 1 किलो 500 ग्राम था वही जन्म के बाद आकाश बेहोशी की हालत में था जिसके बाद स्टाफ नर्स द्वारा कंगारू थेरेपी दिया गया जिसके लगभग आधे घंटे बाद आकाश को होश आया तब रोना शुरु किया । जिसके बाद आकाश की दादी शकुंतला देवी द्वारा क्षेत्रीय आशा मनोरमा सिंह के सहयोग से नवजात शिशु को कोलेस्ट्रम माता सरिता द्वारा पिलाया गया । इसी बीच स्टाफ नर्स का रात लगभग 8:00 बजे ड्यूटी का शिफ्ट बदल गया उपरोक्त स्टाफ नर्स द्वारा किसी प्रकार का नवजात शिशु को रेफरल नहीं किया गया रात लगभग 12:00 बजे उपरोक्त पीएचसी में कार्यरत दाई सरोजा सिंह द्वारा प्राइवेट हॉस्पिटल में मौखिक रूप से नवजात शिशु को भर्ती कराने को  नवजात शिशु की दादी शकुंतला को सलाह दिया गया जिस पर शकुंतला द्वारा उपरोक्त दाई से पूछा गया कि हमारे जन्में पोते को किसी प्रकार का बीमारी तो नहीं है तो दाई सरोजा सिंह द्वारा बताया गया कि नहीं तुम्हारे पोते को किसी प्रकार का बीमारी नहीं है वह वजन के अनुसार बहुत कमजोर है यही दिक्कत है जिसके बाद नवजात शिशु की दादी शकुंतला चुपचाप दाई सरोजा की बात को अनसुना कर दी  सुबह लगभग 10:00 बजे स्टाफ नर्स द्वारा एंबुलेंस 102 से नवजात शिशु सहित प्रसूता सरिता को वापस घर भेज दिया गया ।
इसके बाद उपरोक्त जनवरी में कड़ाके की ठंड चल रही थी उपरोक्त ठंड में शकुंतला देवी अपनी बहू सरिता को ठंड से बचने व नवजात शिशु को हर समय छुपाकर रखने का सलाह देती रही जब सरिता  थोड़ा भी अनसुना करती थी तो सांस शकुंतला द्वारा स्वयं बच्चे को ढककर  रखती थी  हर समय बच्चा  या तो मां की  या तो दादी की  शरीर से लगा रहता था  जन्मे शिशु को तेल से मालिश स्वयं दादी शकुंतला करती थी और कभी कभी बहु सरिता   शिशु का तेल मालिश करती थी और जब जब बच्चा दूध पीने का हरक्क्त करता तो प्रसूता सरिता शिशु को अपना दूध पिलाती थी वही  हर समय साये की तरह बहू सरिता और  शिशु पर दादी शकुंतला बहुत ध्यान देती है और हर समय निगरानी करती रहती थी कि शिशु दूध पिया है कि नहीं शिशु का मालिक होने का समय हो गया मालिश करना इस तरह की तमाम गतिविधियाँ करती रही कार्यकर्ता द्वारा प्रसूता सरिता देवी वर्षा शकुंतला को समय समय पर जानकारी दिया जाता है । उपरोक्त परिवार में नवजात शिशु के दादा विश्वनाथ उर्फ बिल्ला मुसहर अपने स्वयं ठाकुर के घर मजदूरी करते है लेकिन कभी भी घर की महिलाओं को काम का दबाव नहीं बनाते । उसी तरह सरिता की सास शकुंतला भी बस्ती में हो रहे सास बहू के झगड़े को देखते हुए जब किसी को समझाने गई तो उनको लोग कहते थे कि चलो तुम्हारी बहू आएगी तो हम लोग देखेंगे जिसके बाद कोई शकुंतला द्वारा जवाब दिया जाता था कि जब हमारी बहू आएगी तो देखना । अपने बहू के हिस्से का काम अपनी किशोरावस्था की बेटी को लेकर स्वयं करती थी  बेटी का विवाह हो गया वह अपने ससुराल चली गई  अभी भी  घर का अधिकतर कार्य स्वयं सास शकुंतला करती है बहू सरिता को कहती है कि कोई काम मत करो सिर्फ सिर्फ बच्चे का देखरेख व उसे दूध पिलाओ और कोई काम करने की जरूरत नहीं है सब काम हम करेंगे । नवजात शिशु का नियमित देखभाल से धीरे धीरे स्वास्थ्य में सुधार होने लगा पहले महीने कुछ सुधार हुआ लेकिन जिसमें आकाश गंभीर की श्रेणी में ही रहा दूसरे महीने आकाश आंशिक की श्रेणी में आया और तीसरे आकाश स्वस्थ हो गया और छह महीना तक सिर्फ अपनी मां का स्तनपान किया है ।
डब्लूएचओ मानक अनुसार नवजात शिशु आकाश का पोषण मैपिंग ।
वजन तिथि
वजन
उम्र
पोषण ग्रेड
06/01/2018
1.500 किग्रा
जन्मके समय
गंभीर कुपोषित
03/2/2018
2.700 किग्रा
1 माह
गंभीर कुपोषित
10/3/2018
4.100 किग्रा
2 माह
आंशिक कुपोषित
05/4/2018
5.100 किग्रा
3 माह
सामान्य  
05/7/2018
6.700 किग्रा
6 माह
सामान्य