Saturday, 17 August 2019

बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान - PVCHR


बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान 
1 जुलाई – 14 अगस्त 2019 के बीच उत्तर प्रदेश शासन द्वारा यूनिसेफ, पुलिस प्रशासन, बाल संरक्षण प्रशासन, महिला कल्याण विभाग एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से बालिका जागरूकता अभियान का संचालन किया गया | वाराणसी जिले में कुल 5,09,626 छात्र/छात्राओं के साथ अभियान का संचालन किया गया, जिसमें JMN/PVCHR संस्था द्वारा कुल 4 थानों में 70,278 छात्र/छात्राओं तक जागरूकता अभियान का संचालन किया गया |
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर छात्र/छात्राओं के बीच बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान 1 जुलाई – 31 जुलाई के मध्यजिले स्कूल एवं कालेजों में छात्र/छात्राओं के बीच जागरूकता अभियान  संचालित किया गया है एवं 1 अगस्त – 14 अगस्त के बीच आध्यापकों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाना था | इस अभियान को “ जुलाई अभियान या “कवच ” ( CAVACH: Community Action to end Violence Against Children ) के नाम से भी जाना गया |
अभियान का संचालन किए जाने के लिएस्टेट रिसोर्स सेन्टर फॉर वूमन एंड चाइल्ड के द्वारा प्रदेश में एक विस्तृत माड्यूल एवं रुपरेखा तैयार किया गया था | जिसमें प्रशिक्षण माड्यूल, टीम का प्रशिक्षण,प्रशिक्षक सूची,जागरूकता क्रियान्वयन, प्रचार प्रसार,जनपद एवं राज्य स्तर रिपोर्टिंग, अभिलेखीकरण, अनुश्रवण एवं समीक्षा हेतु दिशा निर्देश दिया गया था|माड्यूल में प्रदेश शासन  द्वारा संचालित सुरक्षा सम्बंधी हेल्पलाइन नम्बर डायल 100, चाइल्ड लाइन न० 1098, वूमन पावर लाइन न० 1090 व महिला हिंसा के लिए 181 न० सहित उन्हें सुरक्षा सम्बंधी परिप्रेक्ष्य विकास के लिए - सुरक्षित स्पर्श व असुरक्षित स्पर्श,चुप्पी तोड़े आवाज उठाए, साइबर बुलिंग,लैंगिक हिंसा एवं भेदभाव आदि मुद्दों पर सत्र संचालन का दिशा निर्देश दिया गया था |
अभियान के अंतर्गत वाराणसी जिले के कुल 1149 प्रा० विद्यालय, पुर्व मा० विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय, इंटर कालेज, प्राइवेट स्कूल एवं कालेज के 5,09,626 छात्र/छात्राएं जिनमें 6-12 वर्ष के 1,80,395 एवं 13 वर्ष से अधिक उम्र के कुल 3,29,231 छात्र/छात्राएं शामिल किया गया |  
जनमित्र न्यास/मानवाधिकार जननिगरानी समिति द्वारा वाराणसी के 4 थाना बडागांव, फूलपुर, भेलूपुर एवं चोलापुर में 15 JMN/PVCHR टीम मेम्बर्स के सहयोग से कुल 177 प्राथमिक / पुर्व  माध्यमिक / माध्यमिक विद्यालयों, इंटर कालेज, प्राइवेट स्कूलों एवं मदरसों में कुल 70,278 जिनमें 6-12 वर्ष कुल 26,145 एवं 13 वर्ष से अधिक उम्र के 44,133 छात्र/छात्राओं के साथ बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान संचालित किया गया | संस्था द्वारा जिले स्तर पर अभियान की तैयारी बैठकों में मदरसों में भी अभियान संचालन का सुझाव रखा गया जिसके बाद वाराणसी में कई मदरसों में भी अभियान चलाया गया |
JNM/PVCHR द्वारा अपने परियोजना क्षेत्र में 44 स्कूलों/कालेज में कुल 11418 छात्र/छात्राओं (6 - 12 वर्ष की उम्र के कुल 4916 एवं 13 वर्ष से अधिक उम्र के कुल 6502) के बीच बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान संचालित किया गया | CRY परियोजना क्षेत्र में कुल 32 स्कूल/कालेज जिनमें 13 प्रा० विधयालय, 7 अपर प्रा० विद्यालय, 12 इंटर कालेज, एवं टाटा ट्रस्ट परियोजना क्षेत्र में के 12 मदरसों में अभियान संचालन करके छात्र/छात्राएं शामिल किए गए |
अभियान के दौरान उच्च अधिकारियों ने भी कुछ स्कूलों में जाने का निर्णय लिया जिससे वे स्वयं भी अभियान में भागीदारी कर सकें |
जिले में अभियान के लिए पुलिस विभाग से नोडल पर्सन DySP सुश्री स्नेहा तिवारी, यूनिसेफ टेक्निकल एडवाइजर श्री. प्रीतेश तिवारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुश्री निरुपमा सिंह के नेतृत्व में अभियान का सफल संचालन किया गया | अभियान का पहला साप्ताहिक मूल्यांकन व प्लानिंग बैठक 7 जुलाई को कमिश्नरी सभागार में हुआ | जिसमें जिले के 24 थानों के नामित उपनिरीक्षक (SI), महिला कांस्टेबल, महिला कल्याण विभाग के नामित सदस्य, यूनिसेफ के प्रतिनिधि एवं NGO प्रतिनिधि शामिल हुए | बैठक में वाराणसी मण्डल के पुलिस महानिरीक्षक श्री. विजय सिंह मीणा द्वारा अभियान में शामिल सभी भागीदारों से अपील किया कि, हम सभी को मिलकर अभियान का सफल संचालन करना है, इस अभियान के दौरान छात्राएं यदि हमारे पर विश्वास करके अपने साथ हुई किसी भी प्रकार की दुर्घटना को साझा कर पातीं हैं तो इस अभियान की सफलता इसी बात में है कि हम उनकी मदद करके लैंगिक उत्पीडन से उनका बचाव कर पाए और आरोपी के विरुध अबिलम्ब क़ानूनी कार्यवाही कर पाए | IG महोदय द्वारा यह अपेक्षा किया गया कि छात्राएं टीम से जो भी समस्या साझा करती हैं, उसकी सूचना पुलिस विभाग को कार्यवाही हेतु अवश्य दिया जाए | इस बाबत हर रविवार की रिव्यू प्लानिंग मीटिंग में भी नेतृत्व कर्ताओं द्वारा फलोअप किया गया |   अभियान द्वारा निर्धारित फार्मेट पर JMN/PVCHR द्वारा कुल 14 केश अभियान के संज्ञान में लिखित रूप में लाया गया है |
JMN/PVCHR को 4 ब्लाक बडागांव, पिंडरा, हरहुआ और काशीविद्यापीठ में शिक्षकों के प्रशिक्षण का अवसर भी मिला, जिसके लिए जिलाधिकारी महोदय द्वारा संस्था को नामित किया गया | बडागांव एवं काशीविद्यापीठ ब्लाक में श्री. मंगला प्रसाद द्वारा एवं पिंडरा एवं हरहुआ ब्लाक में सुश्री श्रुति नागवंशी द्वारा शिक्षकों का प्रशिक्षण किया गया |
प्रशिक्षण में बाल अधिकार (UNCRC) एवं अधिनियम 2005, किशोर न्याय अधिनियम 2015, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012,  बाल विवाह कानून 2006,  बाल श्रम कानून 1986, शारीरिक दण्ड, कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना सहित सभी हेल्पलाइन नम्बरों एवं उनके कार्य पद्धति का जानकारी दिया गया, और शासन के इस अपेक्षा से अवगत कराया गया कि, वे अपने विद्यार्थियों को प्रार्थना सभा सहित समय-समय पर विभिन्न माध्यमों से इन जानकारियों को बढ़ाने के लिए गतिविधियाँ संचालित करेंगे एवं शासन के निर्देश पर प्रत्येक विद्यालय में शिकायत पेटिका रखा जाएगा जो विद्यार्थियों के पहुंच में होगा जिसकी जानकारी विद्याथियों को दिया जाएगा |  
अभियान में बडागांव थाना अंतर्गत 25 जुलाई को दिल्ली पब्लिक स्कूल काजीसराय में वाराणसी मण्डल के पुलिस महानिरीक्षक श्री. विजय सिंह मीणा, SPra श्री. एम पी सिंह, 26 जुलाई को नववाणी श्रवण बाधित स्कूल कोइराजपुर में DySP सुश्री स्नेहा तिवारी, 31 जुलाई समापन समारोह में सेठ आनन्दराम जयपुरिया कान्वेंट स्कूल व्यास बाग में जिलाधिकारी वाराणसी श्री. सुरेन्द्र सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री. आनन्द कुलकर्णी, जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री. पी के त्रिपाठी, डिप्टी पुलिस अधीक्षक सुश्री. स्नेहा तिवारी, संत अतुलानंद कान्वेंट स्कूल कोइराजपुर में बडागांव क्षेत्राधिकारी श्री. अर्जुन सिंह जी शामिल हुए |
इन सभी विद्यालयों में JMN/PVCHR ने अभियान के आयोजन की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक उठाया जिसमें बडागांव थाना द्वारा अपेक्षित सहयोग भी प्राप्त हुआ |   
पुलिस उपनिरीक्षक, महिला कांस्टेबल, स्वयं सेवी संगठन, महिला कल्याण विभाग, यूनिसेफ, अथक प्रयास से वाराणसी जिले में सर्वाधिक संख्या कुल 5,09,626 छात्र/छात्राओं के साथ बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान का संचालन किया गया, जिसके लिए हम सभी बहुत गौरवान्वित हैं | 























Thursday, 13 June 2019

Organizing by PVCHR - Free Health Camp at Marudih Pindra

मारुडीह मुसहर बस्ती में स्वास्थ्य कैम्प की तस्वीरें

NEWS LINK -http://www.nispakshbharat.com/NewsDetail?id=521
                 
                       https://youtu.be/BPZLaNbXxfk
























Saturday, 2 March 2019

Child Marriages in India


Child Marriages in India -Percentage of women married before the age of 18



एक तरफ जंहा WCD मन्त्रालय बाल विवाह रोकने हेतु अपने अधीन विभिन्न उपक्रमों के साथ मिलकर विभिन्न प्रकार के जागरूकता अभियान शपथ ग्रहण आदि कार्यक्रम चला रहा है । वंही बड़ागांव ब्लाक में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बाल विवाह में कराया जा रहा था कि, JMN के प्रसाद कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे तो उनकी नजर इस बाल जोड़े पर पड़ी । बाल विवाह का सवाल खड़ा करने पर पहले तो कर्मचारियों द्वारा आनाकानी किया गया लेकिन कड़ा प्रतिरोध करने पर दुल्हन और दूल्हे के गले मे पड़े शादी की माला, दुल्हन को दिया गया ओढ़नी, सिंधौरा को अधिकारियों द्वारा खुद ही उतार लिया गया । जबकि दूल्हा दुल्हन को सिंदूर लगा चुका था, ऐसे में उन्हें बिना सर्टिफिकेट और उपहार दिए वापस भेज दिया गया । यह घटना विभागीय लापरवाही का नमूना है । अक्टूबर महीने में लेबर कमिश्नर वाराणसी मण्डल द्वारा जब हमारे संस्था से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में मुसहर समाज की भागीदारी कराने की अपेक्षा जताया तो तब हमने उन्हें धरातलीय जानकारी दिया कि मुसहर समाज में तो हर विवाह बाल विवाह होता है जो लगभग 15 - 16 की उम्र हो चुका होता है तो कोई विवाह के लायक युवक या युवती नही होंगे जो होंगे उनकी उम्र कम होगी सो वह बाल विवाह होगा सो सरकार स्वंय कानून का उल्लंघन में शामिल हो ऐसा तो हो नही सकता लेकिन यह घटना तो विभागीय अकर्मण्यता का उदाहरण है, जंहा बिना तथ्यात्मक परीक्षण के सामूहिक विवाह आयोजन राजनीतिक लाभ की आकांक्षा से किया जा रहा है ।

केश -2
05 घन्टे के हुज्जत के बाद रोका गया बाल विवाह ।
 आज भी है नट समाज में बाल विवाह की प्रथा जारी है

      थाना बड़ागांव जिला वाराणसी के विवाहिता के मौसी के लड़के थाना चौरी जिला भदोही से हुआ था जिसका गौना (विदाई) 06 जनवरी 2018 को विवाहिता के ननिहाल से होना था जिस गौना में विवाहिता के मामा के लड़की उम्र लगभग 14 वर्ष थाना  फूलपुर जिला वाराणसी का बाल विवाह विवाहिता के भाई लड़का का उम्र लगभग 15 वर्ष थाना  बड़ागांव जिला वाराणसी से होना तय था । उपरोक्त बाल विवाह व विदाई का सब तय योजना नट समाज के चौधरी का बुना हुआ था ।

गौना ( विदाई ) व विवाह का के एक दिन पूर्व शाम को चौधरी के घर डी जे साउंड बजने लगा धीरे-धीरे बगल के बस्ती के समुदाय में चर्चा फैलने लगा कि नट बस्ती में किसके घर किसका विवाह है तो कहि चर्चा था कि गौना है की कहि चर्चा हो रहा था कि विवाह है तो यह भी चर्चा होने लगा कि जिसका विवाह है वह तो बहुत छोटी उम्र की है । यह चर्चा बस्ती के चारों तरफ फैलता गया देर शाम पावर एंजल द्वारा फोन से सूचना मिला कि हमारे गांव के नट बस्ती में कल किसी का बाल विवाह होने वाला है तो विवाह होने बच्चे के संदर्भ में जानकारी लेने का सुझाव दिया गया । 

06
जनवरी 2018 को सुबह लगभग 06 बजे चौधरी हमारे घर निमंत्रण लेकर पहुंचे की आज हमारे नतिनी का गौना है जहाँ लम्बा प्रोग्राम है जिसमें जरूर आना है । जिसमें हमारे द्वारा कई बार गौना में इतना खर्च को लेकर चर्चा किया तो चौधरी अपने चौधिरियाना भाषा में हाँ हाँ कहते रहे । दोपहर लगभग 11:00 बजे चौधरी के घर पहुँचा जहाँ नट समाज के कई गांव के चौधरी अपन मजमा सजाये थे समय लगभग 12:00 बजे दिन में नाबालिग लड़का उम्र लगभग 15 वर्ष थाना बड़ागांव जिला वाराणसी के बराती बिना दूल्हे के प्रतीक के डीजे बजाते हुये बरात के उद्देश्य से 20-25 लोग आ गये जिसमें दूल्हा भी शामिल रहा । जिसमें चौधरी द्वारा सभी को पानी पिलाने को कहा गया और सबको पानी पिलाया गया । इसके बाद सब जानते हुये भी चौधरी से पूछा कि ए लोग कौन है जिसमें चौधरी ने बताया कि यह सब जिस लड़की का विदाई है उसके मायके वाले खुशहाली में आये है । उपरोक्त बराती पानी पीने के बाद सभी उपस्थित चौधरियों के साथ बैठ गए और विवाह में दहेज लेन देन की बात अपने जातिय नट भाषा मे करने लगे सुक्कुर चौधरी जब हमें भाप लिये की मैं सब समझ रहा हु तो तुरंत खड़ा होकर तेज आवाज में बोले कि तुम लोग क्या लेन देन की बात करते हो यहाँ गौना हैं कोई विवाह-शादी नहीं है । यह सुनते ही सभी उपरोक्त बराती व सभी उपस्थित चौधरियों के होश उड़ गया कि यह क्या बोल रहे हो चौधरी तो चौधरी द्वारा कहा कि मैं ठीक कह रहा हू इतने में तमतमाये लड़का के पिता उपरोक्त निवासी अपने भाइयों के साथ सुक्कुर चौधरी से विवाह करने को लेकर झगड़ा करने लगे तब तमतमाये चौधरी ने गाली देते हुए सभी बराती को भगा दिया । बराती गली गलौज देते हुए वापस घर जाने लगे । जिसके बाद दो चौधरी गये रास्ते मे से समझा कर लाये की शादी हो न हो बेटी का गौना तो है तो कुछ सगे सम्बन्धी लोग वापस आये और घर से भगाने का सुक्कुर चौधरी पर ₹500 का दण्ड लगा । जिसके बाद चौधरी मुझसे पूछे कि इतना जिद्द कर रहे है तो दोनों का विवाह ही जाता तो ठीक था हम सब नट में चलता है । जिसमें मैं शक्ति से बताया कि जेल जाना है क्या इतने लड़का के पिता व बराती सहित 03 चौधरी भी विवाह को लेकर कहने लगे । जिसमें शक्ति सभी चौधरी बताया कि यहाँ बाल विवाह हुआ तो सबको जेल जाना होगा । इसके बा
द चौधरी ने पूछा तब क्या होगा तो मैं बताया कि इन सबको खाना खिलाओ वापस अपने घर जाये जिसपर उपरोक्त सभी बारातियों को खाना खिला कर वापस बिन विवाह के घर भेज दिया गया । उपरोक्त बाल विवाह को शांति पूर्ण तरीके रोकने में 5घण्टे समय लगा ।


Monday, 22 October 2018

लड़कियों के साथ आत्मरक्षा, यौन हिंसा, सुरक्षा कानूनों एवं विभिन्न हेल्पलाइन नम्बरों एवं उनकी कार्य प्रणाली पर प्रशिक्षण

विशेष किशोर पुलिस ईकाई के साथ मिलकर NGO,s अपने कार्यक्षेत्र के थानों को मॉडल बनाने का काम कर रही है । इसी क्रम में JNM/PVCHR थाना बड़ागांव के अधीन कमला बालिका इंटर कालेज बसनी में 470 लड़कियों के साथ एवं बलदेव बालिका विद्यालय बसनी में 545 लड़कियों के साथ आत्मरक्षा, यौन हिंसा, सुरक्षा कानूनों एवं विभिन्न हेल्पलाइन नम्बरों एवं उनकी कार्य प्रणाली पर प्रशिक्षण दिया गया इस अवसर पर बाल मित्र पुलिस अधिकारी , सब इंस्पेक्टर, प्रधानाचार्या, शिक्षिकाएं भी मौजूद थे, प्रशिक्षण PVCHR कार्यक्रम निदेशिका शिरीन शबाना एवं बाल अधिकार कार्यकर्ता मंगला प्रसाद राजभर द्वारा दिया गया ।



Thursday, 18 October 2018

किशोरियों को माहवारी, पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता


किशोरी स्वास्थ्य एव पोषण मेले में किशोरियों को माहवारी, पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के सन्दर्भ में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जानकारी दिया गया.......
किशोरी स्वास्थ्य एवं पोषण मेला का आयोजन 1 अक्तूबर,2018 को हमजोली किशोरी समूह, मानवाधिकार जननिगरानी समिति/जनमित्र न्यास, सावित्री बाई फुले महिला पंचायत के द्वारा न्यूजीलैंड हाई कमीशन के सहयोग से वाराणसी जिले के हरहुआ ब्लाक के आयर ग्राम स्थित नेहरु युवा केंद्र में किया गया | मेले का उद्घाटन हरहुआ ब्लाक के ब्लाक प्रमुख डाक्टर अशोक कुमार पटेल के द्वारा फीता काटकर किया गया | इस अवसर  पर  “ किशोरी स्वास्थ्य एवं पोषण पुस्तिका ” नामक हैंडबुक विमोचन भी किया गया, जिसमें किशोरियों को किशोरावस्था में स्वास्थ्य एवं पोषण के सन्दर्भ में एनीमिया, माहवारी, (मासिक चक्र) स्वच्छता के सम्बंधी विशेष जानकारीयां हैं | यह पुस्तिका किशोरियों के लिए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के अभ्यासों के सन्दर्भ में जानकारी का महत्वपूर्ण माध्यम होगा |  मेले में संतुलित भोजन एवं उनके पोषक तत्वों, माहवारी (मासिक चक्र) में स्वच्छता एवं पोषण व्यवहार, हैण्ड वाशिंग प्रक्रिया, किशोरावस्था में किशोरी का सही वजन, आदि विभिन्न सन्दर्भ सामग्री के स्टॉल, लगाए गए | जिनमें किशोरियों को जानकारी के साथ स्वच्छ एवं स्वस्थ रखने वाले वैज्ञानिक व्यवहारों को अभ्यास में लाने के लिए प्रेरित किया गया |  
इस मौके पर बालिका सुरक्षा के मद्देनजर “ इशिता एक्सप्लेन गुड टच बैड टच ”  माहवारी पर  “ मेन्सटोपीडिया ”  नाम की कार्टून फिल्म ” सहित अन्य कई लघु फिल्मों के माध्यम से माहवारी विषय पर विस्तृत जानकारी किशोरियों को दिया | माहवारी के सन्दर्भ में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से क्विज काँटेक्स का आयोजन किया गया, जिसमें सही जवाब देने वाली किशोरियों को ईनाम स्वरूप सेनेट्री पैड दिया गया |कार्यक्रम में पुआरी कला ग्राम की निवासिनी अनीता देवी को अपने पहले बच्चे आयुष को 6 माह तक केवल स्तनपान कराने के लिए माता पिता एवं बच्चे कि फोटो फ्रेम सहित एवं कटोरा, गिलास, चमच्च एवं खिलौना प्रोत्साहन स्वरूप दिया गया |
ब्लाक प्रमुख डा. अशोक पटेल जी ने किशोरियों को सम्बोधित करते हुए कहाकि आज कि किशोरी कल कि जननी है अत: हम सभी को उनके पोषण एवं स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा, जिससे वे वे मजबूत राष्ट्र निर्माता बने | संस्था कि मैनेजिंग ट्रस्टी श्रुति नागवंशी ने कहाकि किशोरावस्था कई प्रकार के बदलाव किशोर एवं किशोरियों के शरीर में आतें हैं, जिनके बारे में झिझक के कारण किसी से पूछ नही पाते हैं | चुकीं किशोरियों शरीर में विशेष प्रकार कि प्रक्रिया कि शुरुआत होती जिसे माहवारी या मासिक चक्र कहते हैं | जिसका उनके शरीर पर गहरा असर पड़ता है परिणामस्वरूप वे एनीमिया, संक्रमण से जूझती रहती हैं लेकिन परिवार इन मुद्दों को गम्भीरता से नही लेता है | लैंगिक विषमता के उनकी पोषण सम्बंधी जरूरतें भी शरीर कि आवश्यकता अनुसार पूरा नही हो पाता है | ऐसे में उनके स्वास्थ्य एवं पोषण कि देखभाल करना हम वयस्कों का कर्तव्य एवं किशोरियों बुनियादी अधिकार है |
मेले के आयोजन के पूर्व संस्था द्वारा किशोरी स्वास्थ्य एवं पोषण विषय पर 27 कार्यशाला में कुल 552 किशोरियों और माहवारी एवं स्वच्छता विषय पर 19 कार्यशाला में कुल 338 किशोरियों को सन्दर्भ सामग्री (IC मैटेरियल) के सहयोग से जानकारी देने का प्रयास किया गया था । कार्यशाला के दौरान हमें यह जानकारी हुआ कि,  माहवारी के दौरान किशोरियों में जानकारी के अभाव में अस्वच्छ एवं संक्रमणीय व्यवहार अभ्यास में प्रचलित है । आर्थिक संसाधनों के साथ ही लैंगिक विषमता के कारण पोषण व्यवहार भी उचित नही है । कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संस्था के स्वास्थ्य कार्यकर्ता शोभनाथ, आनन्द निषाद, मंगला राजभर, प्रतिमा पाण्डेय, ब्रिजेश पाण्डेय, सुभाष संजय राजभर, विनोद एवं सितारा सहित कई कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न स्टॉल पर सन्दर्भ जानकारी सन्दर्भ सामग्रियों के माध्यम से देकर मेले के आयोजन को सफल बनाया


सुरक्षित मातृत्व, नवजात शिशु एवं बाल स्वास्थ्य देखभाल के लिए “ महिला एवं बाल स्वास्थ्य पोषण परामर्श और निगरानी केंद्र

सुरक्षित मातृत्व, नवजात शिशु एवं बाल स्वास्थ्य देखभाल के लिए “ महिला एवं बाल स्वास्थ्य पोषण परामर्श और निगरानी केंद्र ” की स्थापना ‘ चाइल्ड राइट्स एंड यू ‘ के सहयोग से किया गया ....  

वाराणसी, बडागांव बसनी बाजार में चाइल्ड राइट्स एंड यू (क्राई) के सहयोग से जनमित्र न्यास संस्था द्वारा संचालित “महिला एवं बाल स्वास्थ्य पोषण परामर्श और निगरानी केंद्र“ का उद्घाटन एडिशनल मुख्यचिकित्साधिकारी डा० ए. के. गुप्ता एवं संयुक्त निदेशक सुश्री अंशु सिंह द्वारा रिबन काटकर किया गया |      
परामर्श और निगरानी केंद्र का मुख्य फोकस बच्चे के पहले 1000 दिनों / गोल्डेन डेज में आवश्यक देखभाल होगा | हमारा प्रयास होगा कि, नवजात शिशु मृत्यु (IMR) बाल मृत्यु दर (CMR) मातृत्व मृत्यु दर (MMR) एवं बच्चों में कुपोषण दर में बड़ी संख्या में कमी लाए और मानव विकास सूचकांकों में बेहतर परिणाम सामने आए |

जिसके लिए एनीमिया, गर्भवती महिलाओं को प्रसव पुर्व, प्रसव के दौरान एवं प्रसव के पश्चात देखभाल, प्रसूता महिला को कोलेस्ट्रम एवं स्तनपान (एक्सक्लूसिव ब्रेस्ट फीडिंग), नवजात शिशुओं कि देखभाल, उनमें होने वाली बीमारियों यथा पीलिया, निमोनिया, डायरिया, निमोनिया जैसी जानलेवा गम्भीर बीमारियों से बचाव, नवविवाहित दम्पतियों एवं किशोरियों को स्वास्थ्य पोषण देखभाल के सन्दर्भ में विभिन्न गतिविधियों लघु फिल्मों, सूचना प्रचार सामग्री, वीडियो, नाटक आदि के माध्यम से जानकारी दिया जाएगा | गर्भवती महिलाओ, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चो, किशोरियो के स्वास्थ्य परिक्षण के लिये संस्था द्वारा हेल्थ कैम्प एव नि:शुल्क दवा वितरण भी किया जायेगा ।
 संस्था कि मैनेजिंग ट्रस्टी श्रुति नागवंशी ने बताया कि हम विशेषकर जोखिम भरी गर्भावस्था वाली महिलाओं (HRP), कम वजन के शिशुओं, समय से पुर्व जन्मे शिशुओं एवं अल्प पोषण व् अल्पवृधि वाले बच्चों को सूचीबद्ध करके उनकी विशेष देखभाल में सभी प्रभावी कारकों अर्थात परिवार में पति व सास, ट्रिपल ए यानि स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यकर्ता आशा, एनम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित हर स्तर के स्वास्थ्य केंद्र सभी अपने-अपने स्तर पर उच्च गुणवता वाली सक्रिय सहायता एवं सेवा सहित देखभाल में तत्पर एवं सक्रिय किया करेंगे |
पैरवी संयोजक मंगला राजभर ने बताया कि, परामर्श और निगरानी केंद्र विशेषकर मुसहर, नट, घरकार जैसी अतिवंचित जातियों को सभी प्रकार से जागरूक करते हुए सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य एवं पोषण सुरक्षा कार्यक्रमों से भी शत प्रतिशत जोड़ने का काम करेगा |

केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर  अनेई, पिंडरा, पुआरी खुर्द आयर एवं पुआरी कला आदि कई गाँवों से महिलाएं भी शामिल हुई |
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संस्था के स्वास्थ्य कार्यकर्ता आनन्द निषाद मंगला राजभर, संजय राजभर, विनोद, संध्या, सुमन, शोभनाथ, प्रतिमा पाण्डेय, ब्रिजेश पाण्डेय, सुभाष एवं सितारा उपस्थिति रहे । 

 

Wednesday, 3 October 2018

एक्सक्लुसिव ब्रेस्ट फीडिंग

  1. माँ गीता द्वारा पहले बच्चे आयुष को 6 माह तक केवल स्तनपान (एक्सक्लुसिव ब्रेस्ट फीडिंग) के व्यवहार को अपनाए जाने पर प्रोत्साहन स्वरूप फैमिली फोटो फ्रेम सहित, कटोरा, गिलास, चम्मच एवं खिलौना उपहार में दिया गया । पिछले कई वर्षों से संस्था कार्यकर्ता सुरक्षित मातृत्व, नवजात शिशु एवं बाल देखभाल के मुद्दे पर वंचित समुदाय के बीच काम कर रहे हैं , लेकिन इस सन्दर्भ में सूचकांक काफी खराब है । समुदाय के पास ज्ञान/ जानकारी है, किन्तु व्यवहार में लिंग, जाति, धर्म आर्थिक असमानता के प्रभाव से अभ्यास अवैज्ञानिक अतार्किक तौर तरीके के हैं । जिसका बुरा प्रभाव बच्चों के स्वास्थ्य एवं विकास पर पड़ रहा है। संस्था Exclusive breast feeding के प्रोत्साहन के लिए अन्य दो माताओं को उपहार देकर सार्वजनिक सम्मान करेगा ।#Exclusivebreastfeeding#pvchrjmn