Thursday, 24 October 2013
Tuesday, 22 October 2013
बिरसा मुण्डा जनमित्र सामुदायिक केंद्र का उद्घाटन
बिरसा मुण्डा जनमित्र सामुदायिक केंद्र का
उद्घाटन
वाराणसी
जिले के बडागांव ब्लाक स्थित बरहीं कलां गाँव के मुसहर बस्ती मेंआदिवासी महानायक बिरसा
मुण्डा के नाम पर मानवाधिकार जननिगरानी समिति द्वारा बच्चों के लिए कार्यरत
अमेरिकी संस्था ग्लोबल फण्ड फार चिल्ड्रेन के आर्थिक सहयोग से आदिवासी महानायक
बिरसा मुण्डा जनमित्र सामुदायिक केंद्र का निर्माण कराया गया है |इस केंद्र के
निर्माण के बाद अब बस्ती के छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी की प्रतिदिन सेवा और देखभाल
मिलने की सम्भावना बढ़ गयी है, इसके पहले विपरीत मौसम बारिश अधिक गर्मी अधिक ठंढ
में यह केंद्र कम ही खुलता था | आंगनबाड़ी कार्यकर्ती ललिता देवी केंद्र का सामान
कंहा रखतीं, बस्ती में इन मुसहर परिवारों के घर तो फूस की झोपडी के थे, कुछ के घर
पक्के सरकारी इंदिरा आवास हैं भी बहुत जर्जर स्तिथि में. ऐसे घरों में सामान रखने
में हमेशा डर बना रहता है क़ी कब घर गिर जायेगा तो उसमे रखा सामान भी नष्ट हो
जायेगा | आज यह केंद्र समिति द्वारा समुदाय की निगरानी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती को
दिया गया |
आज बिरसा मुण्डा सामुदायिक केंद्र का उद्घाटनवरिष्ठ
पत्रकार एवं दैनिक समाचार पत्र जनसंदेश टाइम्स के उप समाचार सम्पादक श्री. विजय
विनीत जी के द्वारा फीता काटकर उद्घाटन किया गया उसके बाद मुख्य अतिथि (श्री. विजय
विनीत जी) ने बच्चों के साथ खीर खाया | साथ ही
27 मुसहर बच्चों को स्कूल बैग, कापी, पेन्सिल, रबर, कटर, रंग, पेन्सिल बाक्स आदि
सभी बच्चों को वितरित किया गया. साथ ही आंगनवाड़ी केंद्र में नामांकित सभी बच्चों के लिए रंग, ड्राइंग कापी,
रबर, पेन्सिल, कटर, कहानियों की किताबें, तरह तरह के ब्रांडेड खिलौने एवं ब्रांडेड
झूले आदि आंगनबाड़ी कार्यकर्ती सुश्री ललिता देवी को सौंपा. जिससे आंगनबाड़ी में आने
वाले बच्चों का निमितिकरन व ठहराव हो सके | इन बच्चों का भी इन संसाधनों के बीच
शारीरिक और मानसिक विकास हो सके |
आज के इस
अवसर पर मुसहर परिवारों द्वारा अपनी लोक संस्कृति के उत्सव गीत -- मुसहरहुवा,
ककरहुवा एवं बिरहा आदि सांस्कृतिक गीतों से पूरे माहौल को झंकृत कर दिया जिसमे
गायक दिनेश कन्नौजिया आदि प्रमुख रूप रहे |इसी कार्यक्रम में समिति द्वारा डा०
राकेश सिंह, प्रभारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बसनी बडागांव को “जनमित्र सम्मान”
प्रभारी प्रधानाध्यापक श्री. सुनील कुमार, एवं शिक्षामित्र अध्यापक श्रीसंदीप
कुमार दुबे द्वय को “नवदलित सम्मान”प्रशस्ति पत्र और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया
|
विजय
विनीत जी ने कहाकि, बिरसा मुण्डा अपने छोटे से जीवनकाल में अन्धविश्वास और
सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आदिवासी समाज को जागृत करते रहे.उन्होंने सामाजिक
आर्थिक राजनितिक स्तर की गुलामी के खिलाफ आवाज उठाई बेगारी प्रथा के खिलाफ जबरदस्त आन्दोलन किया
इनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन में शिक्षा के महत्त्व को समझते हुए
गुलामी बेगारी का विरोध कर सामाजिक विकास की सरकारी योजनाओं तक अपनी पहुच बनाना
होगा |
कार्यक्रम का संचालन इरशाद अहमद ने किया एवं
अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापन डा. राजीव सिंह ने दिया, कार्यकम में आसपास के कई
गाँवो से सैकड़ों की संख्या में जन समुदायों की भागीदारी रही | समिति के महासचिव
डा. लेनिन,श्रुति,शिरिन शबाना खान सहित जमीनी
स्तर के कार्यकर्ता आनन्द प्रकाश, शोभनाथ, बृजेश, सुभाष, प्रतिमा, छाया, संध्या,
शिव प्रताप चौबे, आदि कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की |
विदित हो की माह जनवरी से मुसहर बच्चों को समिति
द्वारा प्रतिदिन एक गिलास दूध दिया जाता है जो उनके कुपोषण को रोकने बड़ा सहायक है
|पिछले वर्ष यहीं के चौदह बच्चे अति गम्भीर कुपोषण का शिकार हो गये थे जिसके बाद
ग्लोबल फण्ड फार चिल्ड्रन के सहयोग से समिति इन बच्चों के विकास में जुटी है
आज का दिन न सिर्फ बरहीं कलां के लिए ऐतिहासिक
दिन है बल्कि हमसब के लिए यादगार दिन रहेगा, बिरसा मुण्डा जनमित्र सामुदायिक
केंद्र के उद्घाटन के बाद आज हम हमेशा की तरह समाज में अभिनव कार्य करने वाले कुछ
हस्तियों को हम आपके बीच सम्मानित कर उनका आभार व्यक्त करेंगे | हम जानते हैं की
धारा से अलग हटकर समाज के लिए काम करने का रास्ता आसन नही होता है और इस रास्ते
में कितनी रुकावटें बाधाओं का सामना करना पड़ता है | ऐसे में समाज की इन हस्तियो को
सम्मानित कर हम दूसरों के लिए रोल माडल आदर्श सभी के सामने लाना चाहते हैं | इसी
क्रम में आज हम (1)चिकित्सा प्रभारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बसनी बडागांव डा०
राकेश कुमार सिंह जी, (2) प्रभारी प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय
असवारी बडागांव श्री. सुनील कुमार जी,
(3) श्री. संदीप कुमार दुबे जी शिक्षामित्र प्राथमिक विद्यालय नथईपुर
बडागांव को यह सम्मान हमारे मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्री. विजय विनीत जी
द्वारा सम्मानित किया जायेगा |
श्री. विजय विनीत जी लम्बे समय से अपनी लेखनी के
माध्यम से समाज के हाशिये पर जीवन जीने को बाध्य समुदायों के मुद्दों को समाज के
सामने लाकर उनके हक अधिकारों की पैरवी करते रहते हैं आपके लेखन को शासन प्रशासन
द्वारा बड़ी गम्भीरता से लेते हुए सकारात्मक बदलावों की दिशा में कार्य किया जाता
है | आप वास्तव में समाज के सजग प्रहरी हैं
1 . जनमित्र सम्मान –(जनमित्र
समाज की रचना हेतु)
चिकित्सा प्रभारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
बसनी बडागांव डा० राकेश कुमार सिंह जी को हम जनमित्र सम्मान से सम्मानित करते हुए
गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं | डा० राकेश कुमार सिंह द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य
केंद्र बसनीबडागांव में सामाजिक रूप से वंचित समुदायों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य
सेवाएँ प्रदान करने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा संसाधनो में
गुणवत्तापूर्ण सुधार एवं सरकारी चिकित्सा केन्द्रों के प्रति समुदाय का विश्वास
जगाने का कार्य किया है | जिससे इन समुदायों में अन्धविश्वास व रुढ़िवादी सोच में
परिवर्तन आया है |
2 . नवदलित सम्मान –
(श्रेणीकृत समाज से मुक्ति और नागरिक अधिकारों की स्थापना हेतु)
प्रभारी
प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय असवारी बडागांव श्री. सुनील कुमार जी को हम
नवदलित सम्मान से सम्मानित करते हुए गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं | आप द्वारा
वंचित समुदाय के बीच शिक्षा के महत्त्व को स्थापित करने एवं संसाधनो के आभाव से
जूझते हुए भी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अभिनव क्षमता निर्माण करने का
कार्य किया गया है |
3 . नवदलित सम्मान –
श्री. संदीप कुमार दुबे जी शिक्षामित्र प्राथमिक विद्यालय नथईपुर बडागांव को हम
नवदलित सम्मान से सम्मानित करते हुए गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं |
आप द्वारा समाज के
जाति बंधन से मुक्त होकर वंचित एवं दलित समुदाय के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से
जोड़ते हुए विद्यालय में ठहराव एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए
मानवाधिकार जननिगरानी समिति बहुत ही गौरव महसूस कर रही है |
श्रुति नागवंशी
श्रुति नागवंशी
मैनेजिंग ट्रस्टी
+91-9935599330Tuesday, 20 August 2013
विधालयओं में शौचालय एवं पीने के पानी की स्थिति पर माननीय डा. योगेश दूबे सदस्य, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली से शिकायत हुआ
19 अगस्त, 2013
माननीय डा. योगेश दूबे
सदस्य,
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग
नई दिल्ली
विषय – मिसिल संख्या: UP/303/44321/2012 -13 RTE /17764 के सन्दर्भ में
महोदय,
5 अक्तूबर 2102 को The Times of India
Varanasi में School Lack basic facilities despite SC Order
headeline से
प्रकाशित खबर जिसमें सरकारी विधालय में पीने के पानी, शौचालय, तथा स्वच्छता के बुनियादी संसाधनो के
आभाव के सन्दर्भ में शिकायत की गयी थी | इस सन्दर्भ में रा० बाल० अधि० संर०आयोग प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर श्री.अजय कुमार आयोग को सम्बोधित सुश्री ममता श्रीवास्तव (संयुक्त सचिव उत्तर प्रदेश शासन) की रिपोर्ट की प्रति शिकायतकर्ती को आयोग द्वारा प्राप्त हुई |
इस सन्दर्भ में शिकायतकर्ती आप महोदय को यह
महत्त्वपूर्ण तथ्य बताना चाहती है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी वाराणसी, महोदय की रिपोर्ट अधूरी एवं सत्यता से दूर है | विदित हो की उपरोक्त समाचार पत्र में वाराणसी के आठ ब्लाकों के
विभिन्न विद्यालयों में संसाधनो की कमी और समस्याओं से सम्बन्धित रिपोर्ट पर सुधार
की अपेक्षा से शिकायत की गयी थी | किन्तु बेसिक शिक्षा अधिकारी वाराणसी, महोदय द्वारा केवल उन ही
विद्यालयों की स्थिति की रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत की गयी है जिनका समचार
पत्र में उदाहरण के लिए सन्दर्भ लिया गया था | इस सन्दर्भ में 27 जुलाई 2013 को चौकाघाट, नवापुरा नक्खी घाट, घौसाबाद, जैतपुरा, नाटी इमली, एवं 31 जुलाई 2013 को पिसनहरिया, मलदहिया, तेलियाबाग, के प्राथमिक विधालयों का मानवाधिकार जननिगरानी समिति के दो सदस्यों (श्रुति नागवंशी एवं आनन्द प्रकाश ) द्वारा भ्रमण किया गया | इस दौरान यह ज्ञात हुआ की इन विधालयों
के सन्दर्भ में प्रस्तुत रिपोर्ट में पूरी सत्यता नही है विभाग द्वारा बिना तथ्यों
की जाँच किये यह रिपोर्ट अग्रसारित की गयी है एवं आयोग को अँधेरे में रखने के
प्रयास के साथ ही शिक्षा अधिकार अधिनियम एवं माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेशों की भी
अवहेलना की गयी है | वर्तमान में भी विभिन्न कारणों से इन
विधालयों में पीने के पानी की कमी, शौचालय में गन्दगी, शौचालय में ताला बंद रहना, सफाई
सम्बन्धित अन्य साधनों का उपलब्ध न होने जैसी समस्या से ग्रस्त हैं |
समाचार पत्र में सन्दर्भ में लिए गये प्राथमिक
विधालयों में भ्रमण के बाद रिपोर्ट एवं फोटो आप महोदय को प्रेषित किया जा रहा है
कृपया संज्ञान में लेकर उचित कार्यवाही करें |
रिपोर्ट का संक्षिप्त सार – जिन प्रा० विधालयओं की शिक्षा विभाग द्वारा
रिपोर्ट दी गयी है उन सभी विधालयओं में शौचालय एवं पीने के पानी की स्थिति अभी
बहुत भयावह स्थिति में है |
इन विधालयओं में पीने के पानी के
संग्रहण की कोई व्यवस्था नही है, विधालय में भ्रमण के समय (9.30-12 बजे के दौरान) हमने देखा कि शौचालय में ताला बंद है ऐसे में बच्चे उसका उपयोग कैसे
कर पाते है यह अपने आप में सवाल खड़ा करता है ? शौचालयों में बहुत गंदगी थी, उनमे
पानी, साबुन की कोई सुविधा नही है | पीने का पानी एवं शौचालय की स्वच्छता के लिए कंही भी साधन उपलब्ध नही होने से स्थिति बहुत ही भयावह और संक्रमण युक्त है |
. भ्रमण किये गये आठ विधालयओं में केवल नाटी
इमली धूपचंडी प्रा० विधालय में पानी पीने के लिए टंकी और टंकी से जोडकर चार नल
लगाये गये थे शेष सात स्थानों पर पीने के पानी की उपलब्धता का विभिन्न रूपों में
संकट है | अधिकत्तर विधालय पानी के लिए हैन्डपम्प
पर निर्भर हैं यह हैन्डपम्प भी कई विधालयों में खराब स्थिति में है |
विधालय में निश्चित समय तक ही जलकल
विभाग से पानी आने और पानी संग्रहण की व्यवस्था नही होने से बच्चो को पीने के पानी
का संकट का सामना करना पड़ता है | (विस्तृत रिपोर्ट देखें)
कुछ विधालयओं में हाल में ही टाइल्स
लगाया गया लेकिन सभी में शौचालयों में ताला बंद रहता है | भ्रमण के समय हमें ताला खोलकर शौचालय को दिखाया गया | चौकाघाट प्रा० विधा० हाल में ही बनवाया गया है शिकायत के समय यंहा
जर्जर विधालय था लेकिन नवीन विधालय में ताला बंद रहता है |
. कई शौचालय अस्वच्छ एवं संक्रामण युक्त दिखाई दिए उनमे पानी की सुविधा, ओवरहेड टंकी, केन,या बाल्टी का नही थी, साथ इनमें साबुन की व्यवस्था भी नही था |
. कुछ विधालय के शौचालय में दरवाजे विहीन
या जर्जर स्थिति में थे |
राज्य परियोजना निदेशक (सर्व शिक्षा अभियान ऊ० प्र०) श्री. पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा 11 अप्रैल 2012 के पत्र पत्रांक : नि० का० / एसएसए /आ० सुविधा के माध्यम से उत्तर प्रदेश के सभी जिलो के बेसिक शिक्षा
अधिकारियो को परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विधालयों में निर्मित शौचालय के
सन्दर्भ में निर्देश जारी किया है | इस पत्र में स्पष्ट रूप से विधालय में
शौचालय में सुविधाओं को दिए जाने का निर्देश दिया है | (संलग्नक देखें) BSA वाराणसी द्वारा राज्य परियोजना निदेशक (सर्व शिक्षा अभियान ऊ० प्र०) के
निर्देश को नजरांदाज किया जा रहा है |
27 एवं 31 जुलाई 2013 को प्राथमिक विधालय चौकाघाट, घौसाबाद, नक्खीघाट, मलदहिया, जैतपुरा, नाटी इमली धूपचंडी, तेलियाबाग, पिसनहरिया में भ्रमण कर रिपोर्ट एवं
फोटो तैयार किया गया -----
1 - प्राथमिक विधालय चौकाघाट (नगर क्षेत्र) -- प्राथमिक विधालय चौकाघाट नगर क्षेत्र
में नामांकित बच्चों की संख्या 98 , प्रधानाध्यापक श्री. वैभव यादव हैं 1 सहायक अध्यापक एवं 2 शिक्षामित्र की नियुक्ति है |
जैसाकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने
रिपोर्ट में बताया गया है की इस विधालय में वर्ष 2102 – 13 में 2 नवीन शौचालय निर्मित किया गया है यह तथ्य सत्य है | किन्तु तथ्य पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है की 5 अक्तूबर 2102 को अंग्रेजी भाषा के दैनिक समाचार पत्र Times of India में प्रकाशित रिपोर्ट में इसी विधालय
की फोटो छपी है जिसमें उस समय शौचालय की स्थिति जर्जर अवस्था
में स्पस्ट दिखाई दे रहा है एवं बच्चे एक ही नल से पानी पीने के लिए लाइन में खड़े
हैं |
वर्ष
2102 -13 में इस शौचालय के ठीक बगल में ही 2 नवीन शौचालय बनाया गया है किन्तु आज भी बच्चे पुराने टूटे शौचालय जिसका दरवाजा, फर्श एवं गमला टूटा है उसी का उपयोग
करने को बाध्य हैं यह तथ्य फोटो देखने से स्पष्ट परिलक्षित है | शौचालय के आसपास का फर्श आज भी सम्भवतः धन की कमी के कारण टूटा पड़ा
है किन्तु यह बच्चो के लिए कभी भी खतरनाक हो सकता है |
2 नवीन शौचालयों में हमेशा ताला लगा रहता है, 27 जुलाई 2103 को
दिन में12.30 बजे PVCHR कार्यकर्ता आनन्द प्रकाश द्वारा लिए गये फोटो
में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि नवीन शौचालय में ताला बंद है जिससे आज भी यह
बच्चों के पहुंच से दूर है | (देखें फोटो संख्या 1) शौचालय में साबुन तौलिया आदि कुछ भी नहीं है | वहीं शौचालय के उपर ओवरहेड टंकी आदि की सुविधा दिखाई नही दे रहा है
विदित हो कि श्री. पार्थ सारथी सेन शर्मा राज्य परियोजना
निदेशक (सर्व शिक्षा अभियान ऊ० प्र०) द्वारा 11 अप्रैल 2012 को को पत्रांक : नि० का० / एसएसए /आ० सुविधा के माध्यम से उत्तर प्रदेश के सभी जिलो के बेसिक शिक्षा
अधिकारियो को परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विधालयों में निर्मित शौचालय के
सन्दर्भ में निर्देश जारी किया है | इस पत्र में स्पष्ट रूप से विधालय में
शौचालय में सुविधाओं को दिए जाने का निर्देश दिया है | ( कृपया पत्रांक का संलग्नक देंखे )
विधालय
में 1 ही नल है जो खाना बनाने और बच्चों को पानी पीने
दोनों के लिए प्रयोग में आता है, पानी की टंकी की कोई व्यवस्था नही है |
2 प्राथमिक विधालय घौसाबाद, नगर क्षेत्र -- प्राथमिक विधालय घौसाबाद, नगर क्षेत्र में नामांकित बच्चों की संख्या 215 है यंहा के प्रधानाध्यापक श्री. फौजीय तजीम हैं |
विधालय
में कुल 3 शौचालय है, 2 शौचालय वर्ष 2012-13
में नया बनवाया गया है जिसमें अभी भी
पुताई एवं साज सज्जा का काम नही हुआ है | इसमे
ताला बंद था जिसे हमें दिखाने के लिए थोड़े समय के लिए खोला गया | एक शौचालय में पानी के अभाव में सफाई नहीं था मल ऊपर ही दिखाई दे
रहा है | पूर्व की भातिं यंहा भी ओवरहेड पानी की
टंकी नही है ना ही शौचालय में साबुन तौलिया
आदि की व्यवस्था
है | (यह सभी तथ्य फोटो में स्पष्ट देखा जा
सकता है फोटो लेने का समय 27 जुलाई 2013 दिन 12.45 पर )
इस विधालय
में पानी की समस्या है एक ही हैण्डपंप है जो खराब रहता है | हैन्डपम्प के रिबोर के लिए कई बार विभाग को पत्र लिखा गया है ऐसा
हमें शिक्षक द्वारा बताया गया लेकिन अभी
तक रिबोर नही हो सका था | एक नल है जिसमे पानी निश्चित अवधि के
लिए आता है जब पानी नही आता है तब बाहर से पानी मंगाना पड़ता है, पानी की टंकी नहीं |
3 प्राथमिक विधालय नवापुरा, नक्खीघाट, नगर क्षेत्र --- रेलवे लाइन के किनारे चाहरदीवारी विहीन
प्राथमिक विधालय नवापुरा नक्खीघाट में 200 बच्चे नामांकित है यंहा प्रधानाध्यापक श्री. अमानुल
की नियुक्त हैं |
विधालय में 2 शौचालय एवं 2 मूत्रालय है जिसमे से 3 शौचालय में ताला बंद था जैसाकि फोटो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि, 27 जुलाई 2013 को
सुबह 11.00 बजे जब यह फोटो लिया गया तब विधालय के
एक शिक्षक ताला खोलकर हमें दिखाए पुन: ताला बंद कर दिए, केवल एक ही 1 शौचालय खुला था | शिक्षक महोदय द्वारा हमें बताया गया की दो – तीन दिन पूर्व ही शौचालय में टाइल्स और नया गमला लगाने का काम पूरा
हो गया है | मूत्रालय का फर्श भी ताजा बनाया गया था
जिसे फोटो में स्पष्ट देखा जा सकता है |
सर्व शिक्षा अभियान राज्य परियोजना निदेशक के निर्देसानुसार शौचालय में साबुन
तौलिया पानी की सुविधा के लिए ओवरहेड टंकी आदि की व्यवस्था नहीं है |
विधालय
में एक हैण्डपम्प है जिससे पानी की सभी तरह की आवश्यकताए पूरी की जाती है |
4 प्राथमिक विधालय मलदहिया, नगर क्षेत्र – प्राथमिक विधालय मलदहिया, नगर क्षेत्र में विधालय में
2 शौचालय एवं 2 मूत्रालय है, दोनों शौचालय और मूत्रालय में कामचलाऊ सफाई थी | एक शौचालय में दरवाजा नहीं था तो दुसरे शौचालय में जो दरवाजा लगा था
वह बिल्कुल जर्जर स्थिति में है |
विधालय
परिसर में 2 शौचालय नया बनवाया गया था जिसमे ताला
बंद था इस बारे में प्रधानाध्यापक ने बतायी कि हमारे घुटने में दर्द की शिकायत है
अत: हम शिक्षक लोग अपना व्यक्तिगत धन लगाकर अपने
प्रयोग के लिए यह शौचालय बनवाये हैं |
विधालय में पानी के लिए एक हैण्डपंप और जलकल विभाग का एक नल है | हैण्डपम्प खराब अवस्था में है, नल में निश्चित समय से पानी आता है
जिससे विधालय पानी की समस्या बनी रहती है | (सभी
तथ्यों के लिए 31जुलाई 2103 सुबह 10 बजे
के समय की फोटो देखें)
5 प्राथमिक विद्यालय जैतपुरा, नगर क्षेत्र -- प्राथमिक विधालय जैतपुरा नगर क्षेत्र
में नामांकित बच्चों की संख्या 150 है, यंहा प्रधानाध्यापिका सुश्री महजबीन बेगम की
नियिक्ति है |
विधालय में 2 शौचालय एवं 2 मूत्रालय है लेकिन सभी में ताला बंद था | 2 शौचालय जिसमे हाल में ही टाइल्स लगवाया गया है
फोटो में स्पष्ट दिखाई दे रहा कि वह भी क्रियाशील स्थिति में नही है | दोनों मूत्रालयो के फर्श टूटे
हुए, कंकड़ गिट्टी व मिटटी से ढका हुआ था, सफाई बिलकुल भी नहीं थी | पूर्व की भाति यंहा भी शौचालय में पानी, साबुन, तौलिया आदि की कोई व्यवस्था नही थी |
पानी के लिए केवल एक हैण्डपम्प है जो प्रयोग में है इसी से सभी
आवश्यकताए पूरी करने की बाध्यता है | (सभी फोटो 27
जुलाई 2013 दिन 10.30 पर )
इस
विधालय की चाहरदीवारी छोटा होने और गेट न होने के कारण आराजकतत्व विधालय परिसर में
आकर गंदगी फैलाते हैं |
6. प्राथमिक विधालय नाटी इमली ( धुपचंडी ) नगर क्षेत्र --- प्राथमिक विधालय नाटी इमली (धुपचंडी नगर क्षेत्र) में नामांकित बच्चों की संख्या 188 है, प्रधानाध्यापिका रौशनआरा 5 शिक्षक एवं 4 शिक्षामित्र की नियुक्ति है, इस विधालय में प्राथमिक विधालय चौकाघाट
को मर्ज (मिलाया) किया गया है |
विधालय
में 2 शौचालय एवं 2 मूत्रालय है, विधालय परिसर जितना हर भरा और सुन्दर
है शौचालय उतना ही गंदा और संक्रमणयुक्त था |
सफाई बिलकुल नहीं थी शौचालय में सीवर जाम से काफी पानी इक्टठा था | वहीं एक शौचालय में ताला बंद था | शौचालय प्रयोग के लिए पानी की टंकी ईट का बना था लेकिन वह पूरी खाली
टंकी में ईट पत्थरों पड़े थे | ( संलग्नक फोटो देखकर स्वयं अनुमान लगाया
जा सकता है सभी फोटो 27 जुलाई 2013 दिन 11.30 पर)
विधालय
में पानी पीने की व्यवस्था ठीक है, पीने के पानी के लिए टंकी और टंकी से
जोडकर कई नल बनाये गये हैं | 2 टंकी ,4 नल, 1 हैण्डपम्प है जो प्रयोग में है |
7. प्राथमिक विद्यालय तेलियाबाग, नगर क्षेत्र – प्राथमिक विधालय तेलियाबाग नगर क्षेत्र में 1 शौचालय है शौचालय की स्थिति ठीक थी शौचालाय में पानी की समस्या है
पानी बाहर से टूल्लू लगाकर भरा जाता है | शौचालय
के प्रयोग के लिए 3-4 बड़े डिब्बे में पानी को स्टोर करते
हैं |
विधालय में एक हैण्डपंप एवं एक नल है नल टूटा हुआ है हैण्डपम्प
बिल्कुल खराब है इसके लिए प्रधानाध्यापक ने कई बार लिखित शिकायत विभाग को दिया है
लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुआ जैसाकि प्रधानाध्यापक ने हमें बताया |
8. प्राथमिक विद्यालय, पिसनहरिया, नगर क्षेत्र -- विधालय में 2 शौचालय एवं 2 मूत्रालय है, एक शौचालय में दरवाजा नहीं है वंहा
टुटा हुआ टेबल का पटरा रख कर पर्दा किया जाता है | एक मूत्रालय में दरवाजा है किन्तु वह भी जर्जर अवस्था है दूसरे शौचालय एवं मूत्रालय में ताला बंद था | पानी की समस्या शौचालय में है एक हैण्डपम्प लगा है लेकिन वह भी खराब
हो चुका है | मूत्रालय और शौचालय में अत्यधिक गंदगी
दिखाई दी |
विधालय परिसर में एक बड़ा पानी का टंकी है लेकिन पम्प खराब होने के
कारण पानी की बहुत समस्या है | शिक्षक अपना पैसा लगा कर पानी का
कनेक्शन लेने के लिए तैयार है, लेकिन कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है |
रिपोर्ट
द्वारा – आनन्द प्रकाश एवं श्रुति नागवंशी (मानवाधिकार जननिगरानी समिति वाराणसी)
भवदीया
श्रुति नागवंशी
(मैनेजिंग ट्रष्टी)
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